ग्राहक से बात करने के 12 नियम: हर दुकान और स्टोर स्टाफ के लिए

स्वागत कैसे करें, “कुछ चाहिए?” की जगह क्या पूछें, ध्यान से कैसे सुनें, गुस्साए ग्राहक को कैसे संभालें और विदा कैसे करें। उदाहरणों के साथ आसान हिंदी में 12 नियम।

एक स्टोर कर्मचारी और एक ग्राहक बात कर रहे हैं, ऊपर बातचीत के बुलबुलों में नमस्ते जी, कैसे मदद करूं और साइज़ 40 है लिखा है

दुकान में सामान तो हर जगह मिल जाता है। लोग बार-बार उसी दुकान पर लौटते हैं जहां उनसे अच्छे से बात की जाती है। एक मुस्कान, सही समय पर पूछा गया एक सवाल, या गलती होने पर एक सच्ची माफ़ी, ये छोटी चीज़ें ग्राहक को सालों तक याद रहती हैं।

अच्छी बातचीत कोई जन्मजात गुण नहीं है। यह एक हुनर है, जिसे कोई भी सीख सकता है। यहां हम ग्राहक से बात करने के 12 आसान नियम दे रहे हैं, जो किराना दुकान से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह काम आते हैं। हर नियम के साथ उदाहरण भी हैं कि क्या कहना चाहिए और क्या नहीं।

नियम 1: पहले तीन सेकंड में नज़र मिलाएं

जैसे ही कोई ग्राहक अंदर आए, ऊपर देखें, नज़र मिलाएं और मुस्कुराएं। “नमस्ते” या “आइए” कहना काफी है। ग्राहक को लगना चाहिए कि उसे देखा गया है। अगर आप किसी और ग्राहक के साथ हैं, तब भी सिर हिलाकर या मुस्कुराकर बता दें कि आप जल्द आएंगे।

सबसे बुरा पहला अनुभव है: स्टाफ फोन में लगा है, या आपस में बातें कर रहा है, और किसी ने ग्राहक की तरफ देखा तक नहीं।

नियम 2: ग्राहक को थोड़ा समय दें

दुकान में घुसते ही ग्राहक के पीछे मत दौड़िए। रिटेल पर शोध करने वाले पैको अंडरहिल ने देखा कि दुकान के दरवाज़े के ठीक अंदर के कुछ कदमों में ग्राहक अभी माहौल समझ रहा होता है, और उस समय उसे रोका जाना अच्छा नहीं लगता। नमस्ते कहें, फिर उसे कुछ पल दें। जब वह रुककर कुछ देखे, कोई चीज़ उठाए या इधर-उधर ढूंढे, तब पास जाएं।

नियम 3: “कुछ चाहिए?” की जगह कुछ खास पूछें

“कुछ चाहिए?” या “मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूं?” का सबसे आसान जवाब है “नहीं, बस देख रहे हैं।” इसके बाद बातचीत शुरू करना मुश्किल हो जाता है। इसकी जगह कुछ ऐसा पूछें जो आपने देखा हो।

ऐसे न कहें

  • कुछ चाहिए?
  • हां बोलिए?
  • क्या लेना है?
  • ये महंगा है, सस्ता दिखाऊं?

ऐसे कहें

  • ये नए आए हैं। रोज़ पहनने के लिए देख रहे हैं या किसी फंक्शन के लिए?
  • आप पहले कौन सा ब्रांड इस्तेमाल करते थे?
  • साइज़ चाहिए तो मैं अंदर से देखकर ला देता हूं।
  • इस रेंज में एक-दो और अच्छे ऑप्शन भी हैं, दिखाऊं?
दाईं तरफ के सवालों का जवाब “हां” या “ना” में नहीं होता, इसलिए बातचीत आगे बढ़ती है।

नियम 4: बोलने से ज़्यादा सुनें

ज़्यादातर सेल्स स्टाफ की सबसे बड़ी गलती है: ग्राहक की पूरी बात सुने बिना प्रोडक्ट गिनाने लगना। पहले दो-तीन सवाल पूछें, जैसे यह किसके लिए है, पहले क्या इस्तेमाल किया, सबसे ज़रूरी क्या है। फिर जवाब ध्यान से सुनें। बीच में मत टोकिए। जो ग्राहक ने कहा, उसे थोड़े शब्दों में दोहराएं: “तो आपको ऐसा मिक्सर चाहिए जो इडली का घोल अच्छे से बनाए और ज़्यादा आवाज़ न करे, सही?” इससे ग्राहक को भरोसा होता है कि आपने उसकी बात समझी।

नियम 5: ग्राहक की भाषा में बात करें

ग्राहक जिस भाषा में बात कर रहा है, आप भी उसी में करें। अगर वह हिंदी बोल रहा है, तो अंग्रेज़ी के भारी शब्द मत बोलिए। अगर वह अंग्रेज़ी में आराम से है, तो अंग्रेज़ी में बात करें। प्रोडक्ट की तकनीकी बातें आसान शब्दों में समझाएं: “इसमें 5000 mAh बैटरी है” की जगह कहें, “इसकी बैटरी पूरा दिन चल जाएगी, रास्ते में वीडियो भी देखेंगे तब भी।”

नियम 6: “आप” और सम्मान, हर किसी के लिए

ग्राहक कैसे भी कपड़े पहने हो, किसी भी उम्र का हो, कितना भी खर्च करने वाला लगे, सबसे एक जैसी इज़्ज़त से बात करें। “आप”, “जी”, “सर”, “मैडम” जैसे शब्द सम्मान दिखाते हैं। कभी किसी ग्राहक को यह महसूस न होने दें कि आपको लगता है वह यह सामान खरीद नहीं पाएगा। बहुत से लोग पहली बार किसी बड़े स्टोर में आते हैं और थोड़ा झिझकते हैं। उनका स्वागत खास गर्मजोशी से करें।

नियम 7: सच बोलें, भले ही बिक्री कम हो

अगर सस्ता प्रोडक्ट ग्राहक के लिए सही है, तो वही बताएं। अगर किसी चीज़ की कोई कमी है, तो छिपाएं नहीं। जो ग्राहक एक बार आपकी ईमानदारी देख लेता है, वह बार-बार आता है और दूसरों को भी भेजता है। झूठ बोलकर की गई एक बिक्री, दस बिक्रियां छीन लेती है।

अगर किसी सवाल का जवाब आपको नहीं पता, तो अंदाज़ा मत लगाइए। कहिए: “अच्छा सवाल है, मैं एक बार पक्का करके बताता हूं।” फिर सच में पता करके बताइए।

नियम 8: शरीर की भाषा भी बोलती है

  • हाथ बांधकर या जेब में डालकर मत खड़े होइए।
  • ग्राहक के ठीक सामने नहीं, थोड़ा बगल में खड़े हों। यह कम दबाव वाला लगता है।
  • लगभग एक हाथ की दूरी रखें। अगर ग्राहक पीछे हटे, तो आप भी थोड़ा पीछे हो जाएं।
  • ग्राहक जल्दी में है तो सीधे काम की बात करें। आराम से है, तो आप भी आराम से।
  • ग्राहक के सामने फोन मत निकालिए।

नियम 9: “बस देख रहे हैं” का सम्मान करें

अगर ग्राहक कहे कि वह बस देख रहा है, तो कहें: “ज़रूर, आराम से देखिए। कुछ चाहिए तो मैं यहीं हूं।” फिर सच में उसे अकेला छोड़ दें, लेकिन नज़र में रहें। ग्राहक के पीछे-पीछे घूमना या पास खड़े होकर घूरना, लोगों को सबसे ज़्यादा परेशान करता है और वे जल्दी निकल जाते हैं।

नियम 10: साथ में कुछ सुझाएं, लेकिन मदद की तरह

किसी ने जूते लिए, तो जूतों की पॉलिश या मोज़े सुझाना मदद है। किसी ने मोबाइल लिया, तो कवर और स्क्रीन गार्ड। लेकिन सिर्फ एक या दो काम की चीज़ें, पूरी दुकान की लिस्ट नहीं। सुझाव ऐसा हो कि ग्राहक को लगे आपने उसका ख्याल रखा, यह नहीं कि आप उसे कुछ बेचना चाहते हैं। छोटी दुकानों के लिए और तरीके हमारी गाइड छोटी दुकान की बिक्री बढ़ाने के 15 आसान तरीके में हैं। अंग्रेज़ी में पढ़ना चाहें तो upselling and cross-selling देखें।

नियम 11: गुस्साए ग्राहक को शांति से संभालें

कभी-कभी ग्राहक नाराज़ होकर आता है: सामान खराब निकला, बिल में गलती हुई, या उसे इंतज़ार करना पड़ा। ऐसे में बहस करना सबसे बड़ी गलती है। इन चार कदमों से काम लें:

गुस्साए ग्राहक के लिए चार कदम
  1. पूरी बात सुनेंबीच में मत टोकिए, सफाई मत दीजिए। सिर हिलाकर दिखाइए कि आप सुन रहे हैं।
  2. भावना को समझें“मैं समझ सकता हूं, ऐसा होने पर गुस्सा आना स्वाभाविक है।” अगर गलती हमारी है, तो सीधे माफ़ी मांगें।
  3. हल बताएं“मैं अभी यह कर सकता हूं…” बताइए कि आप क्या कर सकते हैं, क्या नहीं कर सकते, यह नहीं।
  4. धन्यवाद दें“बताने के लिए धन्यवाद, इससे हम सुधार कर पाएंगे।”
अगर बात आपके हाथ से बाहर हो, तो तुरंत सुपरवाइज़र को बुलाएं। यह हार नहीं, समझदारी है।

याद रखें, ग्राहक का गुस्सा आप पर नहीं, स्थिति पर है। इसे दिल पर मत लीजिए। इस विषय पर विस्तार से हमारी अंग्रेज़ी गाइड handling difficult customers में बताया गया है।

नियम 12: विदाई भी स्वागत जितनी ज़रूरी है

लोग किसी अनुभव को अक्सर उसके सबसे खास पल और उसके अंत से याद रखते हैं। दुकान में अंत होता है बिलिंग और विदाई। एक लंबा, चुपचाप इंतज़ार या ऐसा कैशियर जो नज़र भी न उठाए, अच्छे स्वागत को भी खराब कर देता है।

बिल देते समय नज़र मिलाएं, बैग ठीक से पकड़ाएं, और कहें: “धन्यवाद, फिर आइएगा।” अगर आपको ग्राहक का नाम पता है, तो नाम लेकर कहें। यह छोटी सी बात ग्राहक को दोबारा लाती है।

काम के वाक्य: एक नज़र में

स्थितिक्या कहें
ग्राहक अंदर आया“नमस्ते जी, आइए।”
ग्राहक कुछ ढूंढ रहा है“आप कुछ खास ढूंढ रहे हैं? मैं मदद कर दूं।”
दो चीज़ों में उलझन“आपके लिए सबसे ज़रूरी क्या है, दाम, टिकाऊपन या दिखने में?”
सामान खत्म है“अभी यह खत्म है। परसों तक आ जाएगा, आपको फोन कर दूं?”
जवाब नहीं पता“मैं एक बार पक्का करके बताता हूं।”
इंतज़ार कराना पड़ा“इंतज़ार के लिए माफ़ी चाहता हूं।”
गलती हमारी है“गलती हमारी है, माफ़ी चाहते हैं। मैं अभी ठीक करता हूं।”
विदाई“धन्यवाद, फिर आइएगा।”

फोन और WhatsApp पर बात

आजकल बहुत से ग्राहक फोन या WhatsApp पर भी बात करते हैं। वहां भी यही नियम लागू होते हैं, बस कुछ बातें और:

  • फोन उठाते ही दुकान का नाम और अपना नाम बताएं।
  • WhatsApp पर जल्दी जवाब दें। अगर अभी नहीं दे सकते, तो लिख दें: “थोड़ी देर में बताता हूं।”
  • मैसेज छोटे, साफ और विनम्र रखें। सिर्फ “ha” या “ok” से बचें।
  • दाम और उपलब्धता पक्की करके ही बताएं।
  • बिना पूछे ढेर सारे मैसेज मत भेजिए।

बुज़ुर्ग ग्राहकों के लिए खास ध्यान

बुज़ुर्ग ग्राहकों से थोड़ा धीरे और साफ बोलें, ज़ोर से नहीं। अगर कुर्सी हो, तो बैठने को कहें। छोटे अक्षर पढ़ने में मदद करें, और उन्हें जल्दबाज़ी महसूस न होने दें। बहुत से बुज़ुर्ग ग्राहक सालों तक उसी दुकान पर आते हैं जहां उनके साथ धैर्य रखा गया।

रोज़ की प्रैक्टिस

ये नियम एक दिन में आदत नहीं बनते। हर हफ्ते एक या दो नियम चुनें और उन पर ध्यान दें। शाम को खुद से पूछें: आज किस ग्राहक के साथ बात सबसे अच्छी रही, और क्यों? किसके साथ बेहतर हो सकती थी? एक महीने में आपको फर्क खुद दिखेगा, और ग्राहकों को भी।

पहली छाप के बारे में और जानने के लिए हमारी अंग्रेज़ी गाइड first impressions on the shop floor पढ़ें।

स्रोत

  1. Paco Underhill, Why We Buy: The Science of Shopping (Simon & Schuster)
  2. National Qualifications Register: Retail Sales Associate qualification file